गर्भवती महिला के लिए भोजन चार्ट – प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए
By Teddyy Editorial Team | Last Updated: July 20, 2026
गर्भावस्था के दौरान सही भोजन चार्ट का पालन करना माँ और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। एक संतुलित भोजन चार्ट में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और मिनरल्स सही मात्रा में शामिल होने चाहिए। इस लेख में हम प्रेगनेंसी के लिए एक पूरा भोजन चार्ट और डाइट प्लान साझा कर रहे हैं।
बधाई हो, आप गर्भवती हैं। ऐसा कहा जाता है कि जब आप गर्भवती हों, तो आपको दो लोगों के लिए खाना चाहिए। हालाँकि, इस वाक्य में एक महत्वपूर्ण तर्क गायब है। इसमें लिखा होना चाहिए- बेहतर खायें, ज्यादा नहीं। सही खान-पान आपके बच्चे और आपके जीवन भर के स्वास्थ्य का आधार हो सकता है।
क्या आप जानते हैं कि यदि गर्भ में बढ़ते बच्चे को अपर्याप्त पोषण मिले, तो इससे बड़े होने पर हृदय रोग, मधुमेह और उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ जाता है? इस आर्टिकल में हम एक गर्भवती महिला के लिए भोजन चार्ट के बारे में चर्चा करेंगे और बताएँगे कि प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए।
इसे भी पढ़ें- प्रेगनेंसी के पहले महीने में क्या होता है
Key Takeaways
- तीसरी तिमाही का भोजन चार्ट सबसे महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस समय बच्चे का तेजी से विकास होता है। इस भोजन चार्ट में कैल्
- गर्भावस्था पोषण के बारे में ACOG की वेबसाइट पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। WHO भी गर्भवती महिलाओं के लिए पोषण दिशानिर्देश प्रदान करता है। बच्चों के आहार के लिए HealthyChildren.
गर्भावस्था में पोषण की महत्वता
- गर्भावस्था से पहले और गर्भावस्था के दौरान सही पोषण भ्रूण के विकास को और मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाएगा।
- जन्म के समय बच्चे का कम वजन, भ्रूण के विकास में बाधा, और अन्य असामान्य समस्याएँ खराब मातृ पोषण से जुड़े हैं।
- गर्भावस्था के दौरान स्वस्थ आहार गर्भ से जुड़ा हुआ मधुमेह, समय से पहले जन्म, मोटापे से संबंधित समस्याएँ , प्रीक्लेम्पसिया और हाई ब्लड प्रेशर जैसे विकारों के जोखिम को कम करता है।
- पोषण चिकित्सा का उपयोग गर्भावधि मधुमेह के इलाज के लिए किया जाता है, विशेष रूप से मोटापे से ग्रस्त गर्भवती महिलाओं में, जिनकी बेरिएट्रिक सर्जरी हुई हो या जिन्हें पहले से ही मधुमेह हो।
त्रैमासिक अनुसार डाइट चार्ट
एक गर्भवती महिला के लिए भोजन चार्ट पहली तिमाही के लिए-
| 1 महीने की प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए | 2 महीने की प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए | 3 महीने की प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए | |
| नाश्ता | रागी इडली, चटनी
कटा हुआ मौसमी फल |
सब्जियों से भरपूर उपमा
उबले अंडे की भुर्जी |
कॉर्नफ्लेक्स के साथ दूध
संतरे/मौसमी का जूस |
| दिन का खाना | दाल पालक
ब्राउन राइस चपाती |
मछली करी
चावल खीरा का रायता |
मिक्स्ड वेजिटेबल
चावल मूंग की दाल |
| शाम का नाश्ता | मिश्रित फल चाट
अंकुरित भेल |
भुने हुए सूरजमुखी के बीज, कटे हुए प्याज, टमाटर के साथ चाट
कच्चे बादाम की लस्सी |
फलों का सलाद
मिक्स्ड बीन्स का चाट
|
| रात का खाना | चपाती
शकरकंद की सब्जी चिकन करी |
पनीर भुर्जी
चपाती मिश्रित सब्जी का सलाद |
अपनी पसंद की करी या सब्जी के साथ गेहूं की रोटी
भाप से पकी ब्रोकोली |
| सोने से पहले | शहद के साथ गर्म हल्दी वाला दूध | शहद के साथ गर्म हल्दी वाला दूध
|
शहद के साथ गर्म हल्दी वाला दूध |
एक गर्भवती महिला के लिए भोजन चार्ट दूसरी तिमाही के लिए-
| 4 महीने की प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए | 5 महीने की प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए | 6 महीने की प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए | |
|
नाश्ता |
पूरे गेहूं के टोस्ट के साथ पालक और चने का मिश्रण
उबले अंडे |
ताजे फल और बीजों के साथ दही
आमलेट
|
मिश्रित सब्जियों के साथ उपमा
घर में बने फलों के जैम या आमलेट के साथ साबुत गेहूं का टोस्ट |
| दिन का खाना
|
पनीर/टोफ़ू
चावल दाल |
एक हरी सब्जी
चावल दाल |
मिश्रित सब्जी करी के साथ चपाती
चावल/दलिया
|
| शाम का नाश्ता | चना चाट
फलों का रस |
ब्रोकोली और पनीर/चिकन सूप
संतरे के टुकड़े |
फलों का सलाद
सब्जी का सूप |
| रात का खाना
|
राजमा मसाला
मिस्सी रोटी |
पालक दल
टमाटर का सलाद |
मूंग दाल की खिचड़ी
खीरा का रायता |
| सोने से पहले | शहद के साथ गर्म केसर दूध | शहद के साथ गर्म केसर दूध | शहद के साथ गर्म केसर दूध |
एक गर्भवती महिला के लिए भोजन चार्ट तीसरी तिमाही के लिए-
| 7 महीने की प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए | 8 महीने की प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए | 9 महीने की प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए | |
| नाश्ता | सब्जी वाला पोहा
अंडा भुर्जी |
ओट्स इडली
नारियल/मूंगफली की चटनी अंगूर |
ताजा फल
सेवई का उपमा
|
| दिन का खाना | रोटी के साथ चिकन करी
मिश्रित सब्जी रायता |
टमाटर और पलक की सब्जी
मूंग दाल चपाती/चावल |
दूध और खजूर
मिक्स्ड दाल चावल |
| शाम का नाश्ता | सलाद के साथ भुनी हुई मछली
मिश्रित नट |
मिक्स्ड फ्रूट चाट | फलों का जूस/छास
सूखे मेवे |
| रात का खाना | चावल के साथ मछली/झींगा करी
उबली हुई सब्जियाँ |
भिंडी की सब्जी
गोभी की सब्जी चपाती |
लौकी की सब्जी
पालक पनीर चपाती |
| सोने से पहले | शहद के साथ गर्म दूध | शहद के साथ गर्म दूध | शहद के साथ गर्म दूध |
गर्भावस्था के दौरान खाने के लिए खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ
- कैलोरी- तिमाही के आधार पर 300-500 अतिरिक्त
- प्रोटीन- प्रतिदिन 3 सर्विंग
- कैल्शियम- प्रतिदिन 4 सर्विंग
- तरल पदार्थ- प्रतिदिन कम से कम 8-10 गिलास
- विटामिन सी- प्रतिदिन 3 सर्विंग
- विटामिन ए- प्रतिदिन 3-4 सर्विंग
- अन्य फल और सब्जियाँ- प्रतिदिन 1-2 सर्विंग
गर्भावस्था के दौरान योग्य भोजन
प्रेगनेंसी डाइट चार्ट में क्या शामिल करें:
- फल और सब्जियां
- साबुत अनाज
- प्रोटीन
- डेयरी उत्पादों
- स्वस्थ वसा
- आयरन युक्त खाद्य पदार्थ
- फोलिक एसिड युक्त खाद्य पदार्थ
किन खाद्य पदार्थों से दूर रहें:
- कच्चा या अधपका मांस और मुर्गी
- कच्चे या अधपके अंडे
- कुछ प्रकार की मछलियाँ जिनमें पारा का स्तर अधिक होता है
- अपाश्चुरीकृत डेयरी उत्पाद
- प्रसंस्कृत (processed) या डेली मीट
- कैफीन प्रति दिन 200 मिलीग्राम तक सीमित होना चाहिए
- शराब
प्रत्येक मां की व्यक्तिगत विशेषताओं के अनुसार पोषण संबंधी आवश्यकताएं अलग-अलग होती हैं। गर्भावस्था से पहले आहार की गुणवत्ता पर विचार करने के अलावा – मातृ शरीर का आकार, ऐज, गर्भकालीन ऐज, गर्भधारण की संख्या, और चिकित्सा स्थितियों जैसे कारकों पर भी विचार किया जाना चाहिए। अपना गर्भावस्था आहार चार्ट प्राप्त करने के लिए अपने आहार विशेषज्ञ से परामर्श लें और Teddy प्रीमियम डायपर पैंट के साथ अपने बच्चे की प्रतीक्षा करें।
भोजन चार्ट – तिमाही के अनुसार सुझाव
तीसरी तिमाही का भोजन चार्ट सबसे महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस समय बच्चे का तेजी से विकास होता है। इस भोजन चार्ट में कैल्शियम, प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें। रोजाना कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं और जंक फूड से बचें।
डॉक्टर की सलाह से अपने भोजन चार्ट में प्रीनेटल विटामिन्स और सप्लीमेंट्स भी शामिल करें। नियमित व्यायाम और योग भी स्वस्थ गर्भावस्था के लिए जरूरी है।
पहली तिमाही में क्या खाना चाहिए
पहली तिमाही में भ्रूण के अंग बन रहे होते हैं, इसलिए फोलिक एसिड, आयरन और प्रोटीन सबसे जरूरी हैं। रोज़ाना 400-800 mcg फोलिक एसिड लें (डॉक्टर की सलाह से), हरी पत्तेदार सब्जियाँ, संतरा, मसूर दाल, अंडे और साबुत अनाज खाएँ। मतली और उल्टी से बचने के लिए दिनभर थोड़ा-थोड़ा खाते रहें। सुबह उठते ही सूखे बिस्किट या भुना चना मतली कम करता है। कैफीन 200 mg प्रति दिन तक सीमित रखें।
दूसरी तिमाही के लिए बेस्ट आहार
दूसरी तिमाही में भूख बढ़ती है और शरीर को अतिरिक्त 300-350 कैलोरी चाहिए। कैल्शियम के लिए दूध, दही, पनीर और रागी शामिल करें। बच्चे के दिमाग के विकास के लिए ओमेगा-3 से भरपूर अखरोट, अलसी और सुरक्षित मछली लें। आयरन के लिए चुकंदर, अनार, गुड़ और खजूर फायदेमंद हैं। विटामिन C के साथ आयरन लेने से अवशोषण बढ़ता है, इसलिए भोजन के साथ नींबू या आँवला पानी पिएं।
तीसरी तिमाही में ज़रूरी पोषण
तीसरी तिमाही में बच्चे का तेज़ी से वज़न बढ़ता है और माँ को प्रोटीन व कैल्शियम की अधिक ज़रूरत होती है। हर भोजन में दाल, अंडे, पनीर या चिकन जैसे प्रोटीन स्रोत रखें। सूजन से बचने के लिए नमक कम करें और रोज़ 10-12 गिलास पानी पिएं। कब्ज रोकने के लिए फाइबर-युक्त सब्ज़ियाँ, फल, सोयाबीन और साबुत अनाज ज़रूर खाएँ। छोटे-छोटे 5-6 भोजन बेहतर हैं, बजाय 3 बड़े के।
पूरे दिन का सैंपल भोजन प्लान
सुबह 7 बजे: भीगे हुए बादाम और गुनगुना पानी। नाश्ता (8:30): मूँग दाल चिल्ला + दही + एक फल। 11 बजे: नारियल पानी या ताज़ा फलों का बाउल। दोपहर (1 बजे): 2 फुलका, दाल, पनीर सब्ज़ी, सलाद, छाछ। शाम (4:30): भुना चना/मखाना + दूध। रात का खाना (7:30): मिक्स वेज खिचड़ी + घी + दही। सोने से पहले (9:30): हल्दी वाला दूध। पानी दिनभर 2.5-3 लीटर ज़रूरी है।
प्रेगनेंसी में क्या नहीं खाना चाहिए
कच्ची पपीता, अनानास का अधिक सेवन, अधपका अंडा और मांस, बिना पाश्चराइज़ दूध और चीज़, मछली जैसे शार्क, स्वोर्डफ़िश जिसमें पारा अधिक होता है — इन सबसे दूर रहें। पैकेज्ड जूस, सॉफ़्ट ड्रिंक, मैदा के बने पकवान, और अधिक मीठा मिसकैरेज व गेस्टेशनल डायबिटीज़ का खतरा बढ़ाते हैं। बाहर के कटे फल, सलाद और स्ट्रीट फ़ूड से फ़ूड पॉइज़निंग हो सकती है, इसलिए घर का ताज़ा बना खाना ही प्राथमिकता रखें।
क्रेविंग्स को सही तरीके से मैनेज करें
गोल-गप्पे, चाट, मिठाई, चॉकलेट की अचानक इच्छा हार्मोनल बदलाव का हिस्सा है। पूरी तरह रोकना ज़रूरी नहीं, बस छोटे हिस्से में और घर में बनाकर खाएँ। गोल-गप्पे के बजाय घर का भेल, बाहर की मिठाई के बजाय खजूर-अखरोट के लड्डू, पैकेज्ड जूस के बजाय ताज़ा छाछ या नींबू पानी चुनें। यह संतुलन बनाए रखता है और अत्यधिक वज़न बढ़ने से रोकता है।
शाकाहारी और मांसाहारी डाइट विकल्प
शाकाहारी महिलाओं के लिए प्रोटीन के स्रोत: पनीर, टोफू, दाल, राजमा, चना, स्प्राउट्स, दूध, दही, सोयाबीन और नट्स। मांसाहारी विकल्प: अच्छी तरह पका हुआ चिकन, अंडा, रोहू/सालमन जैसी कम पारा वाली मछली। अंडे और मांस को 75°C से ज्यादा पर पकाएँ ताकि सैल्मोनेला और लिस्टेरिया से बचा जा सके। दोनों तरह की डाइट के साथ डॉक्टर द्वारा दिए गए प्रीनेटल सप्लिमेंट ज़रूर लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या चाय-कॉफ़ी पी सकते हैं? दिन में 1-2 कप तक ठीक है, 200 mg कैफ़ीन से ज़्यादा न लें। क्या घी खाना सुरक्षित है? हाँ — 1-2 चम्मच घी पाचन में मदद करता है। कितना वज़न बढ़ना सामान्य है? 11-16 kg पूरे 9 महीनों में। क्या उपवास करना ठीक है? लंबे उपवास से बचें, पर हल्का फलाहार ठीक है। क्या नारियल पानी रोज़ पी सकते हैं? हाँ, 1 गिलास रोज़ फायदेमंद है।
विशेषज्ञ संसाधन
गर्भावस्था पोषण के बारे में ACOG की वेबसाइट पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। WHO भी गर्भवती महिलाओं के लिए पोषण दिशानिर्देश प्रदान करता है। बच्चों के आहार के लिए HealthyChildren.org देखें।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गर्भवती महिला के लिए सर्वोत्तम आहार क्या है?
गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार लेना चाहिए जिसमें फल, हरी सब्ज़ी, कार्बोहाइड्रेट (पास्ता और आलू), प्रोटीन (स्टार्च उत्पादों के अलावा दाल, अंडे, मांस, दूध और दही) और स्वस्थ वसा शामिल हों।
गर्भवती महिला को सुबह उठकर क्या खाना चाहिए?
गर्भवती महिलाओं को सुबह के समय विटामिन ए, बी, सी और आयरन, कैल्शियम और फाइबर से भरपूर पौष्टिक भोजन करना चाहिए।
प्रेगनेंसी में सबसे ज्यादा क्या खाना चाहिए?
गर्भवती महिलाओं को किसी भी चीज का अधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए। उन्हें संतुलित आहार लेना चाहिए।
प्रेगनेंसी में क्या डाइट लेनी चाहिए?
प्रेगनेंसी में संतुलित आहार और पर्याप्त तरल पदार्थ लेना चाहिए।




