जानिये सिजेरियन डिलीवरी की प्रक्रिया फायदे और नुकसान
By Teddyy Editorial Team | Last Updated: April 23, 2026
Key Takeaways
- शल्य प्रसव यानी सी-सेक्शन एक सर्जिकल प्रक्रिया है जिसमें पेट और गर्भाशय में चीरा लगाकर बच्चे को बाहर निकाला जाता है। यह
- ऑपरेशन के बाद माँ को कम से कम 6-8 सप्ताह तक पूरा आराम करना चाहिए। भारी सामान उठाने से बचें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ह
ऑपरेशन से प्रसव के बारे में जरूरी जानकारी
शल्य प्रसव यानी सी-सेक्शन एक सर्जिकल प्रक्रिया है जिसमें पेट और गर्भाशय में चीरा लगाकर बच्चे को बाहर निकाला जाता है। यह ऑपरेशन तब किया जाता है जब सामान्य प्रसव संभव नहीं होता या माँ और बच्चे की सुरक्षा के लिए जरूरी होता है। आधुनिक चिकित्सा में यह प्रक्रिया बहुत सुरक्षित मानी जाती है।
भारत में लगभग 20-25% प्रसव इस सर्जिकल विधि से होते हैं। डॉक्टर कई कारणों से इस विकल्प का सुझाव दे सकते हैं, जैसे बच्चे की उल्टी स्थिति, जुड़वां बच्चे, या माँ की स्वास्थ्य स्थिति। ऑपरेशन के बाद रिकवरी में सामान्य प्रसव की तुलना में अधिक समय लगता है।
सी-सेक्शन के बाद देखभाल और रिकवरी
ऑपरेशन के बाद माँ को कम से कम 6-8 सप्ताह तक पूरा आराम करना चाहिए। भारी सामान उठाने से बचें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही चलना-फिरना शुरू करें। पौष्टिक आहार लें जिसमें प्रोटीन, आयरन और विटामिन सी भरपूर हो ताकि घाव जल्दी भरे।
सर्जरी के बाद स्तनपान शुरू करने में थोड़ी कठिनाई हो सकती है, लेकिन सही पोजीशन और सहायता से यह संभव है। नवजात शिशु की देखभाल में परिवार के सदस्यों की मदद लें ताकि माँ को पर्याप्त आराम मिल सके।
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एक बच्चे को दुनिया में लाना एक अनोखा और सुंदर एहसास है। इस समय एक माँ अलग-अलग तरह के भावनात्मक और शारीरिक उतार-चढ़ाव से गुजरती है। कई बार इस यात्रा में सिजेरियन डिलीवरी यानि सी-सेक्शन की नौबत आ जाती है। इसे लेकर अक्सर कई आशंकाएं होती हैं; जैसे कि सिजेरियन डिलीवरी में कितने टांके आते हैं, क्या डिलीवरी के बाद टांके में दर्द होता है और क्या सिजेरियन डिलीवरी के नुकसान होते हैं। चिंताएं स्वाभाविक हैं, मगर इनसे घबराएं नहीं। इस ब्लॉग में आपकी हर शंका का समाधान मिलेगा।
सिजेरियन डिलीवरी क्या है
सामान्य भाषा में जब एक सर्जन आपके पेट और गर्भाशय में चीरा लगाकर आपके बच्चे का प्रसव कराता है तो यह सिजेरियन डिलीवरी कहलाती है। हालांकि, यह एक बड़ी सर्जरी है लेकिन विभिन्न परिस्थितियों में सुरक्षित मानी जाती है।
क्यों पड़ती है सिजेरियन डिलीवरी की जरूरत
कारण कई हैं, मगर सामान्यतया सिजेरियन डिलीवरी की आवश्यकता तब होती है जब योनि से डिलीवरी में मां या बच्चे को खतरा हो या यदि स्वास्थ्य जटिलताएं हों।
सिजेरियन डिलीवरी की प्रक्रिया
पूरी प्रक्रिया के दौरान सहज रहने के लिए एनेस्थीसिया दिया जाता है। चीरे के माध्यम से बच्चे का प्रसव कराया जाता है और फिर प्लेसेंटा को हटा दिया जाता है। फिर चीरे को टांकों के द्वारा सिल दिया जाता है।

सिजेरियन डिलीवरी के लाभ
- सिजेरियन डिलीवरी माँ और बच्चे दोनों के लिए सुरक्षित मानी जाती है।
- यदि लेबर पेन नहीं हो रहा है या चिंताएं हैं, तो सिजेरियन डिलीवरी बच्चे को जन्म देने का एक त्वरित तरीका हो सकता है।
- सिजेरियन डिलीवरी पहले से निर्धारित हो तो बेहतर योजना और तैयारी की जा सकती है।
सिजेरियन डिलीवरी के नुकसान
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- सिजेरियन डिलीवरी के बाद रिकवरी में अधिक समय लगता है।
- आमतौर पर सुरक्षित होते हुए भी, योनि प्रसव की तुलना में सिजेरियन डिलीवरी में संक्रमण और अन्य जटिलताओं का खतरा होता है।
- सिजेरियन डिलीवरी के बाद कुछ दिनों तक अस्पताल में रहने की आवश्यकता पड़ सकती है।
सिजेरियन डिलीवरी में कितने टांके आते हैं
सिजेरियन डिलीवरी में आवश्यक टांके की संख्या विभिन्न परिस्थितियों में अलग-अलग हो सकती है। आमतौर पर, निचले अनुप्रस्थ चीरे (लोअर ट्रांसवर्स) के लिए 3-4 टांके की आवश्यकता होती है, जबकि उच्च अनुप्रस्थ (हाइयर ट्रांसवर्स) या ऊर्ध्वाधर चीरे (वर्टिकल इन्सिशन) के लिए 5-6 टांके की आवश्यकता हो सकती है। मुश्किल स्थितियों में टांकों की संख्या 20 से अधिक भी हो सकती है।
सिजेरियन डिलीवरी के बाद टांके में दर्द होता है क्या
सिजेरियन डिलीवरी के बाद टांके में कुछ असुविधा या दर्द होना संभव है, लेकिन आमतौर पर इसे दर्द की दवा से नियंत्रित किया जा सकता है और कुछ दिनों के भीतर कम हो जाता है।
सिजेरियन डिलीवरी के कितने दिन बाद पीरियड आता है
सिजेरियन डिलीवरी के बाद होने वाले रक्तस्राव को लोचिया भी कहा जाता है। यह आमतौर पर बच्चे के जन्म के 24 से 48 घंटों के बीच शुरू होता है और छह सप्ताह तक रह सकता है। समय और अवधि अलग-अलग महिलाओं में भिन्न हो सकती है। इस दौरान फ्रेंड्स मैटरनिटी पैड्स काफी कारगर होंगे क्योंकि ये डिलीवरी के बाद होनेवाले भारी रक्तस्त्राव को सोखने के लिए ही बनाये गए हैं। हालांकि, सिजेरियन डिलीवरी के 4-6 सप्ताह बाद रेगुलर पीरियड वापस आ जाता है।
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सिजेरियन डिलीवरी के बाद रिकवरी कैसे करें
सी-सेक्शन एक बड़ा ऑपरेशन है, इसलिए रिकवरी में समय और धैर्य दोनों लगते हैं। पहले दो हफ्तों में अधिकतर समय आराम करें, लेकिन बिस्तर पर पूरी तरह न पड़ी रहें। हर दो-तीन घंटे में थोड़ा-थोड़ा चलना ज़रूरी है ताकि खून का थक्का (DVT) न बने। टांकों को सूखा और साफ़ रखें, रोज़ हल्के गुनगुने पानी से नहलाएँ लेकिन घाव को रगड़ें नहीं। पाँच किलो से ज़्यादा वज़न न उठाएँ, इसमें बच्चे का कैरीकॉट और ग्रोसरी बैग भी शामिल है। पेट के नीचे तकिया रखकर खाँसते-छींकते समय सहारा दें। चार से छह सप्ताह तक सीढ़ियाँ धीरे-धीरे चढ़ें और गाड़ी न चलाएँ।
सी-सेक्शन के बाद घाव की देखभाल
घाव की सही देखभाल से इन्फेक्शन से बचा जा सकता है। पट्टी पहले 24 घंटे बाद डॉक्टर के निर्देश पर खोलें। घाव को रोज़ हल्के साबुन और गुनगुने पानी से साफ़ करें, फिर नरम तौलिये से धीरे से सुखाएँ। टांकों पर तेल, पाउडर या क्रीम तब तक न लगाएँ जब तक डॉक्टर न कहें। ढीले सूती कपड़े पहनें, टाइट कपड़े घाव पर रगड़ते हैं। यदि घाव लाल हो जाए, उसमें से पस निकले, बदबू आए, या बुखार 100 डिग्री से ज़्यादा हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। टांके अधिकतर 7 से 10 दिन में सूख जाते हैं, लेकिन भीतरी हीलिंग में 6 से 8 हफ्ते लगते हैं।
सिजेरियन डिलीवरी के बाद क्या खाएँ
सर्जरी के बाद पहले 24 घंटे आमतौर पर सिर्फ तरल पदार्थ जैसे पानी, नारियल पानी, सूप या पतला दलिया दिया जाता है। दूसरे दिन से हल्का ठोस आहार जैसे खिचड़ी, दलिया, मूंग दाल का पानी और उबली सब्ज़ियाँ शामिल करें। प्रोटीन और आयरन के लिए दाल, पनीर, अंडे, मछली और हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ खाएँ। विटामिन C के लिए संतरा, आंवला और नींबू पानी लें, ये घाव भरने में मदद करते हैं। दिन में दस से बारह गिलास पानी पिएँ, स्तनपान कराने वाली माँओं के लिए हाइड्रेशन बहुत ज़रूरी है। मसालेदार, तला-भुना, गैस बनाने वाला खाना (राजमा, छोले, फूलगोभी) पहले 4 हफ्तों तक न खाएँ।
सी-सेक्शन के बाद किन बातों से बचें
कुछ चीज़ें रिकवरी को धीमा कर सकती हैं या जटिलताएँ बढ़ा सकती हैं। बहुत ज़्यादा सीढ़ियाँ चढ़ना-उतरना पहले 4 हफ्तों तक न करें। बच्चे के अलावा कुछ भी भारी न उठाएँ। शारीरिक संबंध 6 हफ्ते तक टालें, या जब तक डॉक्टर हरी झंडी न दे। क्रंचेस, स्क्वाट्स और भारी एक्सरसाइज़ कम से कम 8 से 12 हफ्ते तक बंद रखें। बहुत देर तक एक ही पोज़ीशन में बैठना या लेटना भी सही नहीं, हर एक घंटे में थोड़ा हिलें-डुलें। तनाव लेने से बचें, परिवार से मदद माँगने में संकोच न करें, घर के काम और बच्चे की देखभाल साझा करें।
दूसरे बच्चे में सी-सेक्शन कब ज़रूरी होता है
एक बार सी-सेक्शन हो जाने के बाद अगली डिलीवरी में नॉर्मल (VBAC) संभव हो सकती है, लेकिन कुछ शर्तें ज़रूरी हैं। पिछले सिजेरियन को कम से कम 18 से 24 महीने हो चुके हों ताकि गर्भाशय का घाव पूरी तरह भर जाए। पिछली बार की चीरा क्षैतिज (transverse) रही हो, खड़ी (vertical) नहीं। इस बार बच्चे की पोज़ीशन सही हो, यानी सिर नीचे की ओर। प्लेसेंटा सामान्य जगह पर हो, प्लेसेंटा प्रिविया न हो। माँ का स्वास्थ्य अच्छा हो और कोई बड़ी मेडिकल समस्या न हो। डॉक्टर से खुलकर बात करें, हर मामला अलग होता है, और सबसे सुरक्षित विकल्प चुनना ज़रूरी है।
निष्कर्ष
बच्चे को जन्म देना एक अनोखी यात्रा होती है। चाहे आपका प्रसव, योनि से हो या सिजेरियन डिलीवरी से, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप और आपका बच्चा स्वस्थ और सुरक्षित रहे। सिजेरियन डिलीवरी के बारे में कोई भी चिंता हो तो अपने डॉक्टर से बात करने में संकोच न करें।
References & Sources
- World Health Organization (WHO). Maternal and Newborn Health. who.int
- Indian Council of Medical Research (ICMR). National Guidelines for Maternal Care. icmr.gov.in
- American Academy of Pediatrics (AAP). Caring for Your Baby. aap.org
- Indian Academy of Pediatrics (IAP). Child Health Guidelines. iapindia.org
- National Library of Medicine. Diaper Dermatitis. pubmed.ncbi.nlm.nih.gov
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सीज़ियर डिलीवरी में कितना समय लगता है?
वास्तविक सर्जरी में आमतौर पर लगभग 45-90 मिनट लगते हैं, लेकिन ऑपरेटिंग रूम में तैयारी और रिकवरी सहित पूरी प्रक्रिया में 2-3 घंटे लग सकते हैं।
सिजेरियन डिलीवरी के बाद कितने दिन तक आराम करना चाहिए?
सिजेरियन डिलीवरी के बाद आपको 2-4 दिनों तक अस्पताल में रहना पड़ेगा, जबकि पूरी तरह ठीक होने में 6-8 सप्ताह लग सकते हैं। आराम से रहें, अपने शरीर की सुनें, और कोई भारी चीज़ न उठाएं।
सी सेक्शन के बाद टांके में दर्द हो तो क्या करें?
चीरे के आसपास हल्का दर्द सामान्य है। 15-20 मिनट के लिए आइस पैक लगाएं, ढीले-ढाले कपड़े पहनें और दर्द की दवा के बारे में अपने डॉक्टर से पूछें। यदि दर्द गंभीर, लगातार है, या लालिमा, सूजन या बुखार के साथ है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
आपको कैसे पता चलेगा कि टांके ठीक हो रहे हैं?
टांके धीरे-धीरे फीके पड़ जाएंगे। अच्छे उपचार के संकेतों में दर्द में कमी, न्यूनतम लालिमा या सूजन, और चीरा सूखना और बंद महसूस होना शामिल है।




