facebook pixel प्रेगनेंसी में पेट में जलन: कारण व घरेलू उपाय – Teddy Diaper
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प्रेगनेंसी में पेट में जलन क्यों होती है – कारण और घरेलू उपाय

| Last Updated: April 9, 2026

प्रेगनेंसी में पेट में जलन के घरेलू उपाय — अदरक नींबू और ठंडा दूध
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गर्भावस्था में पेट में जलन और एसिडिटी की समस्या लगभग 80% गर्भवती महिलाओं को होती है। यह मुख्य रूप से प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के बढ़ने से होती है जो निचले एसोफेजियल स्फिंक्टर को शिथिल कर देता है, जिससे पेट का एसिड वापस ग्रासनली में आ जाता है। इस लेख में जानिए प्रेगनेंसी में पेट में जलन क्यों होती है, इसके कारण, लक्षण और वैज्ञानिक घरेलू उपाय।

गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलाव और बढ़ते गर्भाशय के कारण पाचन तंत्र धीमा हो जाता है, जिससे एसिडिटी और सीने में जलन जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। यह स्थिति दूसरी तिमाही के अंत से शुरू होकर तीसरी तिमाही में सबसे अधिक तीव्र होती है।

आइए विस्तार से समझते हैं कि यह समस्या कब और क्यों होती है, और आप इससे कैसे राहत पा सकती हैं।


एसिडिटी और मतली मातृत्व के आनंद को कम कर सकती है। हालाँकि, यह शरीर में दर्द और सीने में जलन जैसी कई शारीरिक समस्याओं के साथ आता है। आपने लोगों को यह कहते सुना होगा, “अगर आपको गर्भावस्था के दौरान सीने में जलन होती है, तो इसका मतलब है कि आपका बच्चा बहुत सारे बालों के साथ पैदा होगा!” इस विशेष पुरानी कहानी में कुछ सच्चाई हो न हो , तथ्य यह है कि एसिडिटी और अपच किसी भी गर्भवती महिला को हो सकती है (भले ही उनका बच्चा सिर पर एक भी बाल के बिना पैदा हुआ हो)। यहां इस लेख में हम बात करेंगे कि प्रेगनेंसी में सीने में जलन क्यों होती है और प्रेगनेंसी में एसिडिटी का घरेलू उपाय कैसे कर सकते हैं। हम आपको यह भी बताएंगे कि प्रेगनेंसी में सीने में जलन हो तो क्या करें।

मुख्य बातें

About This TopicThis article is reviewed by baby care specialists at Teddyy Diapers, backed by Nobel Hygiene Pvt Ltd with over 20 years of expertise in infant hygiene products certified by WHO and GMP standards.
  • प्रेगनेंसी से जुड़ी और जानकारी:
  • गर्भावस्था में स्वास्थ्य संबंधी विश्वसनीय जानकारी के लिए: ACOG – गर्भावस्था स्वास्थ्य, WHO – मातृ स्वास्थ्य, और HealthyChildren.

प्रेगनेंसी में एसिडिटी क्यों होती है

हार्टबर्न और एसिड रिफ्लक्स क्या है

हार्टबर्न, या सीने में जलन का अर्थ है गले और छाती में जलन या असहजता महसूस होना। ऐसा तब होता है जब पेट में भोजन और एसिड वापस ग्रासनली (Oesophagus) में चला जाता है। इसे गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स (जीईआर), या एसिड रिफ्लक्स भी कहते हैं।

गर्भावस्था में एसोफेजियल स्फिंक्टर पर प्रभाव

प्रेगनेंसी में एसिडिटी क्यों होती है? गर्भावस्था के दौरान, एक मांसपेशी जो अन्नप्रणाली (oesophagus) में एसिड को रोकती है, कमजोर होती है। यह अधिकतर एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के ऊंचे स्तर के कारण होता है। डिलीवरी के बाद यह समस्या दूर हो जाती है।

प्रेगनेंसी में सीने और पेट में जलन क्यों होती है

सीने और पेट में जलन के मुख्य कारण इस प्रकार हैं:

हार्मोनल बदलाव का प्रभाव

  1. गर्भावस्था के दौरान आपके हार्मोन का स्तर बदलता है।जिसे आपका पाचन तंत्र धीमा काम करने लगता है। भोजन धीमी गति से चलता है, जिससे सीने में जलन होती है।
  2. प्रोजेस्टेरोन, जिसे गर्भावस्था हार्मोन के रूप में जाना जाता है, निचले एसोफेजियल स्फिंक्टर को शिथिल कर देता है। जिसके कारण पेट का एसिड ग्रासनली में आ जाता है।
  3. जैसे-जैसे आपका बच्चा बढ़ता है, आपका गर्भाशय भी बड़ा होता जाता है जिससे पेट के एसिड आपके अन्नप्रणाली में आ जाते हैं। इसीलिए गर्भावस्था के आखिरी कुछ महीनों के दौरान सीने में जलन आम है।

अब आपको गर्भावस्था में पेट और सीने में जलन के कारण स्पष्ट हो गए होंगे।

और पढ़े: प्रेगनेंसी में पेट टाइट होना: कारण और उपाय

प्रेगनेंसी में पेट में जलन हो तो क्या करें

अब तक हमने जलन और एसिडिटी के कारण समझे। चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि इसे सही आहार और जीवनशैली से नियंत्रित किया जा सकता है। आइये जानते हैं कुछ प्रभावी उपाय:

खान-पान में बदलाव

    1. बार-बार छोटे-छोटे भोजन करें और भोजन करते समय पानी ना पिये।
    2. धीरे-धीरे खाएं और हर कौर को अच्छी तरह चबाएं।
    3. सोने से कुछ घंटे पहले खाने से बचें।
    4. ऐसे खाद्य और पेय पदार्थो से बचें जो एसिडिटी का कारण बन सकते हैं। इसमें चॉकलेट, वसायुक्त- मसालेदार भोजन, अम्लीय खाद्य पदार्थ, कार्बोनेटेड पेय पदार्थ और कैफीन शामिल हो सकते हैं।
    5. खाने के बाद एक घंटे तक इत्मीनान से टहलें।
    6. ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें।

सोने और जीवनशैली के उपाय

  1. सोते समय अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाने के लिए तकिये या वेजेज का प्रयोग करें।
  2. बायीं ओर करवट लेकर सोयें। दाहिनी ओर लेटने से आपका पेट आपके अन्नप्रणाली से ऊपर हो जाएगा, जिससे सीने में जलन हो सकती है।
  3. एसिडिटी शुरू होते ही दही खाएं या एक गिलास दूध पिएं।

प्रेगनेंसी में सीने में जलन हो तो क्या करें और जलन के उपाय

संतुलित आहार और पेय पदार्थ

कई बार प्रेगनेंसी में सीने में जलन होती है और महिलाएं सोचने पर मजबूर हो जाती हैं किप्रेगनेंसी में सीने में जलन हो तो क्या करें, तो हम आपकी ये समस्या आज दूर करेंगे। आमतौर पर इस जलन की समस्या को हम एसिडिटी या फिर हार्टबर्न भी कहते हैं। ये समस्या तब उत्पन्न होती है जब आपके शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं और आपके गर्भाशय का आकार बढ़ने के कारण आपके पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है। अगर आप इस समस्या से ग्रसित हैं तो निम्नलिखित उपाय आपके लिए कारगर हो सकते हैं। 

  1. अपने भोजन को संतुलित रखें, उसमें प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन D और मिनरल्स संतुलित मात्रा में होना चाहिए।
  2. अपने खाने पीने में तरल पदार्थ का प्रयोग करें। नारियल पानी, जूस, छाछ आदि का सेवन करें, इससे आपके सीने में जलन नहीं होगी।
  3. अपनी गर्भावस्था के अनुसार आसान करें, सोते समय आप तकिए का प्रयोग करें और कोशिश करें की बाईं करवट ले कर सोएं। इससे आपको आराम मिलेगा।
  4. एलोवेरा का जूस ठंडा होता है, अगर आप उसके जूस का सेवन करती हैं तो उससे आपका पेट ठंडा हो जाएगा।
  5. हल्के गरम दूध में शहद डाल कर पिएं। इससे आपको एसिडिटी में आराम मिलेगा।
  6. अगर जलन की समस्या आपको बहुत अधिक हो रही है तो डॉक्टर से संपर्क करें और उनके सुझाए से दवा का प्रयोग करें।

अतिरिक्त सुझाव

तो अब अगर आप ये सोच कर परेशान हैं किप्रेगनेंसी में सीने में जलन हो तो क्या करें  तो ऊपर दिए गए उपाय से आप जलन से आराम पा सकती हैं, इसके साथ-साथ कुछ अन्य सुझाव भी आप अपना सकती हैं।

  1. भोजन के तुरंत बाद सोने से बचें। भोजन के एक या दो घंटे के बाद आराम करें। 
  2. दिन में पांच से छह छोटे आहार लें और भारी भोजन से बचें।
  3.  कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, कॉफी, चाय और अन्य कैफीनयुक्त पेय से बचें।
  4. ताजे फलों का सेवन करें, विशेष रूप से केला, क्योंकि यह एसिड नियंत्रण में मदद करता है।
  5. पेट पर दबाव डालने वाले कपड़ों से बचें।

प्रेगनेंसी में एसिडिटी कब होती है

आइए जानते हैं कि गर्भावस्था में एसिडिटी किस समय शुरू होती है और इसके प्रमुख कारण क्या हैं।

एसिडिटी शुरू होने के समय और कारण

प्रेगनेंसी में एसिडिटी कब होती है अगर आपको ये नहीं मालूम तो आइए हम आपको बताते हैं। प्रेगनेंसी में एसिडिटी और जलन की समस्या गर्भधारण के दूसरे तिमाही के अंत में या तीसरी तिमाही के आरंभ में शुरू होती है। इसके कई कारण होते हैं: 

  1. आपके शरीर में जब हार्मोंस का संतुलन बहुत तेज़ी से बदलने लगता है तो उस कारण से आपके सीने में जलन होती है। 
  2. अगर आप बहुत देर तक खाली पेट रहती हैं, तो उस कारण से भी आपको सीने में जलन हो सकती है। 
  3. खाने में अधिक तेल मसाले का सेवन करना, अधिक चीनी या पेय पदार्थ का प्रयोग करना

एसिडिटी कम करने के सरल उपाय

अब आपको ये तो समझ में आ गया होगा की प्रेगनेंसी में एसिडिटी कब होती है  तो अब जानते हैं प्रेगनेंसी में सीने में जलन के उपाय  जिससे आप इस समस्या का निदान कर सकती हैं। 

  1. नियमित समय पर भोजन करें। 
  2. खाने में तेल मसाले को मात्रा कम करें।
  3. सोने से 2 से 3 घंटे पहले भोजन करें। 
  4. पेय पदार्थ जैसे नारियल पानी आदि का प्रयोग करें।

प्रेगनेंसी में पेट में जलन के घरेलू उपाय

प्रभावी घरेलू नुस्खे

गर्भावस्था में एसिडिटी होना आम बात है और इससे डरने की जरूरत नहीं है। आइए अब कुछ प्रभावी घरेलू उपाय जानते हैं जिनसे आप इस समस्या से आसानी से निपट सकती हैं:

  1. दिन भर में थोड़ा-थोड़ा पानी पिएं: बहुत जल्दी-जल्दी बहुत अधिक पानी पीने से वास्तव में आपके एसिडिटी के लक्षण बिगड़ सकते हैं।
  2. पुदीना: एक गिलास पेपरमिंट चाय पीने या शुगर-फ्री पेपरमिंट कैंडी चूसने से सीने की जलन से राहत मिल सकती है।
  3. अदरक: अदरक को गोली के रूप में या चबाकर कुछ महिलाओं को राहत मिलती है। हालाँकि, अदरक का उपयोग सीमित मात्रा में करें।
  4. सेब का सिरका: एक गिलास पानी में एक चम्मच एप्पल साइडर सिरका मिला कर पीने से पेट में एसिड के स्तर संतुलित होता है।

एसिडिटी जैसी समस्याओं को अपने मातृत्व के आनंद को कम न करने दें। Teddyy प्रीमियम डायपर पैंट के साथ अपने नन्हे-मुन्ने को कंफर्टेबल रखने का प्लान करते रहें। और यदि आप अपनी एसिडिटी को नियंत्रित करने में असमर्थ हैं तो जल्द अपने डॉक्टर से परामर्श लें। याद रखें, घरेलू उपचार आज़माने से पहले हमेशा डॉक्टर से मिलें क्योंकि आप गर्भवती हैं।

प्रेगनेंसी में पेट में जलन: और पढ़ें

डॉक्टर से ज़रूर पूछें कि पेट और सीने में जलन सामान्य है या किसी गंभीर समस्या का संकेत है।

प्रेगनेंसी से जुड़ी और जानकारी:

इस समस्या का मुख्य कारण प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का बढ़ना है जो पाचन तंत्र को धीमा कर देता है और एसिड रिफ्लक्स की स्थिति उत्पन्न करता है।

सही आहार और जीवनशैली में बदलाव से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

विशेषज्ञ संसाधन

गर्भावस्था में स्वास्थ्य संबंधी विश्वसनीय जानकारी के लिए: ACOG – गर्भावस्था स्वास्थ्य, WHO – मातृ स्वास्थ्य, और HealthyChildren.org पर जाएं।

 

संदर्भ और स्रोत

  1. World Health Organization (WHO). Maternal Nutrition and Gastric Disorders in Pregnancy. who.int
  2. Indian Council of Medical Research (ICMR). Dietary Guidelines for Pregnant Women. icmr.gov.in
  3. American College of Obstetricians and Gynecologists (ACOG). Problems of the Digestive System During Pregnancy. acog.org
  4. National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases (NIDDK). Acid Reflux (GER & GERD). niddk.nih.gov
  5. National Library of Medicine. Gastroesophageal Reflux Disease in Pregnancy. pubmed.ncbi.nlm.nih.gov
  6. National Institute of Nutrition (NIN). Nutrition During Pregnancy and Lactation. nin.res.in
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Written by Teddyy Editorial Team
Maternal and Baby Care Content Specialist at Teddyy Diapers | Backed by Nobel Hygiene Pvt Ltd (WHO & GMP Certified) with 25+ years of expertise in infant care and hygiene products. Our content is reviewed by parenting specialists.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रेगनेंसी में पेट में जलन कब शुरू होती है?

गर्भावस्था में पेट में जलन और एसिडिटी की समस्या आमतौर पर दूसरी तिमाही के अंत (लगभग 20वें सप्ताह) से शुरू होती है और तीसरी तिमाही में सबसे अधिक तीव्र होती है। यह प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के बढ़ने और गर्भाशय के बड़े होने के कारण होती है।

प्रेगनेंसी में एसिडिटी कम करने के लिए क्या करें?

बार-बार छोटे-छोटे भोजन करें, धीरे-धीरे खाएं, भोजन करते समय पानी पीने से बचें और ऐसे खाद्य पदार्थों से बचें जो एसिडिटी का कारण बन सकते हैं।

प्रेगनेंसी में इतनी एसिडिटी क्यों होती है?

गर्भावस्था के दौरान आपके हार्मोन का स्तर बदलता है। हार्मोन अक्सर आपके पाचन तंत्र को धीमा कर देते हैं। भोजन धीमी गति से चलता है, जिससे सीने में जलन होती है।

बार बार एसिडिटी क्यों होती है?

जैसे-जैसे आपका बच्चा बढ़ता है, आपका गर्भाशय भी बड़ा होता जाता है जिससे पेट के एसिड आपके अन्नप्रणाली में आ जाता है। इसीलिए गर्भावस्था के आखिरी कुछ महीनों के दौरान सीने में जलन अधिक आम है।

घर पर तुरंत एसिडिटी कैसे ठीक करें?

एसिडिटी  शुरू होते ही दही खाएं या एक गिलास दूध पिएं।