facebook pixel प्रेगनेंसी में गैस का दर्द: कारण, लक्षण और घरेलू उपाय
  • Home
  • Blog
  • प्रेगनेंसी में गैस का दर्द: कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Pregnancy Main Gas Bane To Kya Kare

प्रेगनेंसी में गैस का दर्द: कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Pregnancy Main Gas Bane To Kya Kare

| Last Updated: April 23, 2026

प्रेगनेंसी में गैस के दर्द से परेशान गर्भवती महिला पेट पर हाथ रखे हुए घरेलू उपाय
WHO-GMP CertifiedTrusted by 5M+ Families25+ Years ExpertiseFact Checked

प्रेगनेंसी में गैस की समस्या के बारे में जानकारी

Medical InsightA healthy pregnancy lasts approximately 40 weeks from the first day of the last menstrual period. The WHO recommends a minimum of 8 prenatal care visits for a positive pregnancy experience.

गर्भावस्था के दौरान गैस की समस्या होना बहुत आम है और यह लगभग हर महिला को किसी न किसी रूप में महसूस हो सकती है। प्रेगनेंसी में गैस की समस्या का मुख्य कारण हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे आपके पाचन तंत्र की गति धीमी हो जाती है। जब पाचन तंत्र धीमा हो जाता है, तो खाने का पाचन ठीक से नहीं हो पाता और गैस बनने लगती है। इसके अलावा, गर्भाशय के बढ़ने से पेट और आंतों पर दबाव पड़ता है, जिससे गैस की समस्या और बढ़ सकती है।

इस समस्या को कम करने के लिए, गर्भवती महिलाओं को अपने आहार और जीवनशैली में कुछ बदलाव करने की जरूरत होती है। संतुलित और पौष्टिक आहार लेना, समय पर खाना खाना, और तली-भुनी चीजों से बचना पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है। साथ ही, हल्का व्यायाम और रोज़ाना टहलना भी गैस की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है। तनाव को कम करने के लिए ध्यान, गहरी साँस लेने की तकनीकें और योग का अभ्यास भी फायदेमंद होता है। इन उपायों को अपनाकर गर्भावस्था के दौरान गैस की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

प्रेगनेंसी में गैस बनना एक आम बात है, और कई बार इससे आपको परेशानी महसूस हो सकती है। जब आप प्रेगनेंट होती हैं, तो शरीर में कुछ बदलाव होते हैं, जिससे आपका पाचन धीमा हो जाता है और गैस की समस्या होने लगती है। यह परेशानी आपके प्रेगनेंसी के तीसरे महीने में शुरू होती है। इस लेख में हम आज प्रेगनेंसी में गैस का दर्द, उसकी वजह, उसके लक्षण, और उससे जुड़ी समस्या के समाधान के बारे में बेहतर तरीके से जानेंगे।

प्रेगनेंसी में गैस क्यों बनती है?

जब आप प्रेगनेंट होती हैं, तो शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बढ़ जाता है, जिससे मांसपेशियां ढीली हो जाती हैं और पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है। इसके कारण पेट में एसिडिटी, गैस और सूजन की समस्या हो सकती है। जैसे-जैसे गर्भाशय (यूटरस) बढ़ता है, वह आंतरिक अंगों पर दबाव डालता है, खासकर पेट और आंतों पर। जिससे ये समस्याएं और बढ़ जाती हैं। इसके साथ ही प्रेगनेंसी के दौरान आपके खाने-पीने की आदतों में बदलाव, कम शारीरिक सक्रियता, और मानसिक तनाव भी गैस की समस्या का कारण बन सकते हैं। ये सभी चीजें पाचन पर असर डालती हैं, जिससे गैस और पेट की तकलीफें बढ़ सकती हैं। इस समस्या से राहत पाने के लिए प्रेगनेंसी में एसिडिटी का घरेलू उपाय अपनाया जा सकता है|

प्रेगनेंसी में गैस के लक्षण

गर्भावस्था के दौरान गैस के लक्षण कई तरह के हो सकते हैं, जो महिलाओं को असहज महसूस करा सकते हैं। सबसे आम लक्षणों में पेट में सूजन, भारीपन, अपच और गैस का बनना शामिल है। कई बार पेट में हल्का दर्द या जलन भी महसूस हो सकती है, और गैस के कारण पेट फूला हुआ लग सकता है। कुछ महिलाओं को डकार आना, पेट में गड़गड़ाहट या बेचैनी भी महसूस हो सकती है।

अगर आपको ये लक्षण बार-बार महसूस होते हैं और गैस की समस्या से राहत नहीं मिल रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। इन लक्षणों को कम करने के लिए अपने आहार में फाइबर युक्त फल और सब्ज़ियाँ शामिल करें, खूब पानी पिएं और हल्का व्यायाम करें। साथ ही, तनाव को कम करने के लिए ध्यान और गहरी साँस लेने की तकनीकें आज़माएं। इन उपायों से प्रेगनेंसी में गैस और गैस की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है और आपको बेहतर महसूस होगा।

प्रेगनेंसी में गैस बने तो क्या खाएं

यह ज़रूरी है कि आप जानें कि प्रेगनेंसी में गैस बनने पर क्या खाएं, ताकि आपको आराम मिले। इस दौरान पौष्टिक भोजन करना बहुत अहम है। इसके लिए, आप फाइबर से भरपूर अनाज, फल, पत्तेदार सब्ज़ियाँ और सलाद खा सकती हैं। तेल और मसाले कम मात्रा में इस्तेमाल करें और मैदे से बनी चीज़ों जैसे बिस्कुट का सेवन भी कम करें। साथ ही, छोटे-छोटे अंतराल पर खाना खाएं, जिससे पाचन बेहतर होगा और गैस की समस्या कम होगी।

प्रेगनेंसी में गैस से राहत पाने के लिए घरेलू उपाय

प्रेगनेंसी के दौरान अगर आपको गैस की समस्या हो रही है, तो कुछ आसान प्रेगनेंसी में गैस के उपाय अपनाकर राहत पाई जा सकती है। अदरक की चाय पीने से गैस में आराम मिलता है। इसके साथ ही, अजवाइन और जीरे का पानी उबालकर पीना भी गैस के दर्द को कम कर सकता है। अगर एसिडिटी की परेशानी हो रही हो, तो छाछ या नारियल पानी पीना एक बेहतरीन प्रेगनेंसी में एसिडिटी का घरेलू उपाय है, जो पेट की समस्याओं को कम करने में मदद करता है।

प्रेगनेंसी में गैस से राहत के लिए अजवाइन और हींग के घरेलू उपाय

प्रेगनेंसी में गैस का दर्द से राहत पाने के लिए योग और व्यायाम

प्रेगनेंसी में गैस का दर्द कभी-कभी काफी तेज़ हो सकता है, और इससे राहत पाने के लिए कुछ उपाय अपनाना ज़रूरी है। अगर दर्द ज्यादा हो, तो हल्के योगासन जैसे वज्रासन करें। इसके साथ ही कैट-काउ पोज़ (मार्जर्यासन) और बटरफ्लाई पोज़ (तितली आसन) भी करने से आराम मिलेगा। रोज़ाना थोड़ी देर टहलना और हल्की एक्सरसाइज करने से न सिर्फ गैस की समस्या कम होगी, बल्कि एसिडिटी से भी राहत मिलेगी।

प्रेगनेंसी में गैस बनने से कैसे बचें: डॉक्टर के सुझाव

अगर आप प्रेगनेंसी में गैस के उपाय जानना चाहती हैं, तो सबसे जरूरी है कि आप डॉक्टर से सलाह लें। इसमें जीवनशैली और खानपान में कुछ छोटे बदलाव मदद कर सकते हैं। मसालेदार या तली-भुनी चीजों से बचें, और भोजन को धीरे-धीरे चबाकर खाएं। खाने के बाद तुरंत लेटने की बजाय थोड़ी देर टहल लें। इससे पाचन बेहतर होगा। ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और हल्का व्यायाम करें। गैस की समस्या से बचने के लिए नींबू का सेवन भी फायदेमंद हो सकता है। अगर आप यह सोच रहे हैं कि प्रेगनेंसी में ईनो पी सकते हैं या नहीं तो इसका जवाब है “नहीं”। अगर आपको गैस के साथ एसिडिटी भी हो रही है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के ईनो जैसी चीज़ों का सेवन न करें।

प्रेगनेंसी में गैस कब शुरू होती है और कब खत्म होती है

प्रेगनेंसी में गैस की समस्या सबसे पहले 6वें से 8वें हफ्ते के बीच शुरू होती है, जब प्रोजेस्टेरोन हार्मोन तेज़ी से बढ़ता है। यह हार्मोन पाचन तंत्र की मांसपेशियों को ढीला कर देता है, जिससे खाना धीरे-धीरे पचता है और गैस बनती है। पहली तिमाही में हल्की गैस और पेट फूलना सामान्य है।

दूसरी तिमाही में जैसे-जैसे गर्भाशय बड़ा होता है, पेट पर दबाव बढ़ता है और गैस की परेशानी ज़्यादा महसूस हो सकती है। तीसरी तिमाही (28वें हफ्ते के बाद) सबसे ज़्यादा असहज होती है क्योंकि बच्चा पेट और आंतों पर दबाव डालता है। डिलीवरी के 2-4 हफ्ते बाद हार्मोन सामान्य होते ही गैस की समस्या अपने आप कम हो जाती है।

प्रेगनेंसी में गैस के लिए सुरक्षित आयुर्वेदिक उपाय

हर खाने के बाद एक चुटकी अजवाइन और काला नमक गुनगुने पानी के साथ लें — यह सदियों पुराना सुरक्षित नुस्खा है। जीरा-सौंफ का पानी (1 चम्मच जीरा और 1 चम्मच सौंफ 2 कप पानी में उबालकर) दिन में दो बार पिएं। अदरक की छोटी सी टुकड़ी चबाना भी सुरक्षित है, पर दिन में 1 ग्राम से ज़्यादा न लें।

धनिया के बीज का पानी, पुदीने की पत्तियां और इलायची भी गैस में राहत देती हैं। हर भोजन के बाद 100 कदम की धीमी टहलने की आदत डालें। कोई भी जड़ी-बूटी शुरू करने से पहले अपनी डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें — हींग जैसे कुछ मसाले गर्भावस्था में कम मात्रा में ही सुरक्षित हैं।

कौन सी चीज़ें गैस को और बढ़ाती हैं

राजमा, छोले, कच्ची गोभी, फूलगोभी, ब्रोकली और प्याज़ गैस बढ़ाते हैं — इन्हें अच्छी तरह पकाकर और हींग डालकर खाएं। कोल्ड ड्रिंक, सोडा, पैकेज्ड जूस और कैफीन भी पेट फुलाते हैं। तली हुई चीज़ें, अधिक मसालेदार भोजन और दूध के साथ फल जैसे गलत फूड कॉम्बिनेशन से बचें।

बहुत जल्दी-जल्दी खाना, खाते समय बात करना या लेटकर खाना भी गैस बनाता है। बड़े भोजन की बजाय हर 2-3 घंटे में छोटा भोजन करें। सोने से कम से कम 2 घंटे पहले डिनर पूरा कर लें और खाने के तुरंत बाद लेटने से बचें। तनाव भी पाचन बिगाड़ता है, इसलिए 10 मिनट की डीप ब्रीदिंग रोज़ करें।

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए

सामान्य गैस और चिंता वाले दर्द में फर्क समझना ज़रूरी है। अगर गैस का दर्द 2 घंटे से ज़्यादा बना रहे, बुखार के साथ हो, उल्टी या दस्त से जुड़ा हो, पेट के एक ही तरफ तेज़ चुभने वाला दर्द हो, या खून आना शुरू हो जाए — तुरंत डॉक्टर से मिलें। ये लक्षण गैस के नहीं, कुछ और गंभीर समस्या के हो सकते हैं।

28वें हफ्ते के बाद अगर पेट में बार-बार कसाव आए, बच्चे की हरकत कम हो, या पेट के निचले हिस्से में तेज़ दर्द हो तो ये प्रीटर्म लेबर के संकेत हो सकते हैं। सीने में जलन के साथ दाईं ऊपरी तरफ दर्द, हाथ-पैर में सूजन और सिरदर्द हो तो प्री-एक्लेम्पसिया की जांच ज़रूरी है। इंतज़ार न करें।

रोज़ाना की आदतें जो गैस कम करें

सुबह उठते ही गुनगुना पानी पिएं, फिर 15 मिनट की हल्की वॉक करें। नाश्ते में दलिया, उपमा, इडली या पोहा जैसे आसानी से पचने वाले खाद्य पदार्थ चुनें। दोपहर के खाने के बाद 10 मिनट बाईं करवट लेटें — यह पाचन में मदद करता है। रात का भोजन हल्का रखें: खिचड़ी, दाल चावल या वेज सूप।

पूरे दिन 2.5 से 3 लीटर पानी पिएं लेकिन भोजन के साथ नहीं, भोजन के 30 मिनट पहले या बाद। प्रीगनेंसी योग की आसान मुद्राएं जैसे बिल्ली-गाय मुद्रा, वज्रासन (खाने के बाद 5 मिनट) गैस में बहुत राहत देती हैं। तंग कपड़े न पहनें — पेट पर दबाव पाचन को धीमा करता है।

निष्कर्ष

प्रेगनेंसी में गैस का दर्द एक सामान्य, लेकिन असुविधाजनक समस्या हो सकती है, जो हार्मोनल बदलावों और पाचन तंत्र की धीमी गति के कारण होती है। हालांकि, सही आहार, घरेलू उपाय और योग-व्यायाम की मदद से इस समस्या को कम किया जा सकता है। अगर यह समस्या गंभीर हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। प्रेगनेंसी के दौरान महिला के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है, ताकि मां और बच्चे दोनों स्वस्थ और सुरक्षित रहें।

इसके साथ ही, आपके बच्चे की आरामदायक देखभाल के लिए Teddyy Easy Diaper Pants का इस्तेमाल करें, जो आपकी दैनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किए गए हैं।

प्रेगनेंसी में पाचन से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए ACOG – Digestive Problems in Pregnancy और WHO Maternal Health देखें।

Also read: प्रेगनेंसी में गैस बनने पर क्या खाएं.

T
Written by Teddyy Editorial Team
Maternal and Baby Care Content Specialist at Teddyy Diapers | Backed by Nobel Hygiene Pvt Ltd (WHO & GMP Certified) with 25+ years of expertise in infant care and hygiene products. Our content is reviewed by parenting specialists.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गर्भावस्था में गैस बनने के कारण क्या हैं?

हार्मोनल बदलाव और धीमा पाचन गैस का मुख्य कारण हैं।

गैस और सूजन से राहत पाने के घरेलू उपाय क्या हैं?

पानी अधिक पिएं, हल्की सैर करें, फाइबर युक्त भोजन लें, गैस बनाने वाले खाद्य पदार्थ कम करें।

क्या गैस से बच्चे को कोई खतरा है?

नहीं, यह आमतौर पर सुरक्षित है और बच्चे को नुकसान नहीं पहुंचाता।

कौन से योगासन गैस कम करने में मदद करते हैं?

चाइल्ड पोज़, हैप्पी बेबी पोज़, ब्रिज पोज़ और ट्विस्टिंग पोज़ मददगार हैं।

गैस से बचने के लिए कौन से आहार सुझाव हैं?

धीरे-धीरे फाइबर बढ़ाएं, पानी पर्याप्त पिएं, ब्रोकोली और बीन्स जैसी गैस बनाने वाली चीजें कम करें।

गैस कम करने के सुरक्षित आयुर्वेदिक उपाय क्या हैं?

अदरक, पुदीना, सौंफ या जीरे का पानी पी सकते हैं।

क्या गर्भावस्था में ENO पी सकते हैं?

हाँ, गर्भावस्था में ENO (फ्रूट साल्ट) कभी-कभार एसिडिटी और हार्टबर्न दूर करने के लिए सुरक्षित माना जाता है।