प्रेगनेंसी में पैरों में दर्द और सूजन: कारण, समय और समाधान
By Teddyy Editorial Team | Last Updated: April 23, 2026
प्रेगनेंसी के दौरान एक महिला को इमोशनल और शारीरिक तनाव और दर्द से गुजरना पड़ता है। प्रेगनेंसी में पैरों में दर्द और सूजन होना काफी आम बात है। इस तरह के दर्द और सूजन के कई कारण हो सकते हैं। इस ब्लॉग में, हम पैरों में दर्द और सूजन के सभी कारणों और प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन का इलाज पर चर्चा करेंगे।
Key Takeaways
- ज़्यादातर गर्भवती महिलाएं पैरों के दर्द से पीड़ित होती हैं। प्रेगनेंसी में पैरों में दर्द क्यों होता है, इसके कई कारण होते हैं जो नीचे बताये गए हैं:.
- प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन का इलाज और दर्द का इलाज जीवनशैली में बदलाव और रोकथाम के उपाय अपनाकर किया जा सकता है, जैसे:.
- अब जब आप जान गए हैं कि प्रेगनेंसी में सूजन क्यों आती है, तो आइए जानें कि इसे घर पर कैसे ठीक किया जा सकता है।.
- आपको प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन कब आती है और क्यों होती है, इसके बारे में जागरूक होना चाहिए। आमतौर पर यह कोई गंभीर समस्या नहीं होती है, लेकिन निम्नलिखित स्थितियों में आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए:.
प्रेगनेंसी में पैरों में दर्द के सामान्य कारण
ज़्यादातर गर्भवती महिलाएं पैरों के दर्द से पीड़ित होती हैं। प्रेगनेंसी में पैरों में दर्द क्यों होता है, इसके कई कारण होते हैं जो नीचे बताये गए हैं:
- वजन बढ़ना: प्रेगनेंसी में पैरों में दर्द होना एक ऐसी दिक्कत है, जिसका मुख्य कारण वजन बढ़ना है। जब बच्चे का विकास माँ के पेट में होता है, तो उसका वजन बढ़ता है। वजन बढ़ने के कारण पैरों पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे प्रेगनेंसी के दौरान पैरों में दर्द होता है।
- पैरों में ऐंठन: प्रेगनेंसी के दौरान, कई महिलाओं को पैर की ऐंठन का सामना करना पड़ता है, जो प्रेगनेंसी में पैरों में दर्द होना का कारण बनती है। उन्हें अपने पिंडली, पैर या जांघ में तेज दर्द महसूस हो सकता है।
- हार्मोनल बदलाव: जब एक महिला गर्भवती होती है, तो उसके शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं। इनमें से एक नया हार्मोन है जिसे रिलैक्सिन कहते हैं, जो बच्चे के जन्म के लिए पेल्विक (pelvic) क्षेत्र की लिगामेंट को ढीला करता है। हालांकि, यह जोड़ों में परेशानी भी पैदा करता है, जो प्रेगनेंसी में पैरों में दर्द होने का एक कारण है ।
ये कुछ कारण हैं जिनसे प्रेगनेंसी में पैरों में दर्द होता है। प्रेगनेंसी में पैरों में दर्द क्यों होता है, इस पर आपको चिंता नहीं करनी चाहिए, क्योंकि यह गर्भवती महिलाओं में काफी सामान्य है।
प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन कब होती है
प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन एक आम समस्या है जो हर गर्भवती महिला को होती है। प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन कब आती है? यह सूजन आमतौर पर 20वें सप्ताह या दूसरी तिमाही में शुरू होती है और प्रेगनेंसी के अंत तक रहती है। प्रेगनेंसी में सूजन क्यों आती है? इसका कारण यह है कि प्रेगनेंसी के दौरान शरीर ज्यादा पानी रखता है, और जैसे-जैसे गर्भाशय बड़ा होता है, पैरों पर अधिक दबाव पड़ता है। इस दबाव से रक्त पैरों में इकट्ठा हो जाता है, जिससे सूजन होती है। इसलिए, यह जानना महत्वपूर्ण है कि प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन कब आती है और इसके कारणों पर ध्यान देना चाहिए।

प्रेगनेंसी में पैरों के दर्द और सूजन से बचने के उपाय
प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन का इलाज और दर्द का इलाज जीवनशैली में बदलाव और रोकथाम के उपाय अपनाकर किया जा सकता है, जैसे:
- आपको बहुत सारा पानी पीना चाहिए, क्योंकि इससे सूजन और दर्द से बचने में मदद मिलेगी।
- हील्स या कम सहारे वाले जूते न पहनें, बल्कि आरामदायक जूते पहनें।
- अपने पैरों को ऊँचा करके आराम करें, इससे सूजन कम होगी।
ये सभी प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन का इलाज और दर्द का इलाज हैं, इसलिए आपको इन्हें अपनाना चाहिए।
प्रेगनेंसी में घरेलू उपाय और प्राकृतिक उपचार
अब जब आप जान गए हैं कि प्रेगनेंसी में सूजन क्यों आती है, तो आइए जानें कि इसे घर पर कैसे ठीक किया जा सकता है।
- आप अपने पैरों को गुनगुने नमक वाले पानी में डुबो सकते हैं, इससे सूजन और दर्द कम होगा।
- हल्की और कोमल मालिश से पैरों में रक्त संचार बेहतर होगा।
- स्वस्थ आहार लें और पोटैशियम से भरपूर भोजन खाना सुनिश्चित करें।
आप इन घरेलू उपायों से प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन का इलाज घर पर भी कर सकते हैं।
डॉक्टर से कब संपर्क करें
आपको प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन कब आती है और क्यों होती है, इसके बारे में जागरूक होना चाहिए। आमतौर पर यह कोई गंभीर समस्या नहीं होती है, लेकिन निम्नलिखित स्थितियों में आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए:
- अगर सूजन के साथ आपको सांस लेने में तकलीफ हो रही है।
- अगर आपके एक पैर में दूसरे पैर की तुलना में ज्यादा सूजन है।
- अगर अचानक गंभीर सूजन हो जाए, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए।
तिमाही के अनुसार पैरों में दर्द और सूजन
पहली तिमाही (1-12 हफ्ते): हार्मोनल बदलाव से थोड़ी थकान और हल्का दर्द हो सकता है, लेकिन सूजन कम होती है। दूसरी तिमाही (13-27 हफ्ते): बढ़ते वज़न से पैरों पर दबाव बढ़ने लगता है, हल्की सूजन शुरू होती है। तीसरी तिमाही (28-40 हफ्ते): बच्चे का वज़न और तरल पदार्थ का बढ़ना सूजन को सबसे ज़्यादा करता है। टखनों और पंजों में दिनभर खड़े रहने या बैठने से सूजन बढ़ जाती है। शाम को सूजन ज़्यादा महसूस होती है – यह सामान्य है।
पैरों के दर्द को कम करने वाले व्यायाम
एंकल सर्कल: बैठकर पैरों को 10-10 बार दोनों दिशाओं में घुमाएँ। टो रेज़: एड़ी ज़मीन पर रखकर पंजे ऊपर उठाएँ (15 बार)। काफ़ स्ट्रेच: दीवार के सहारे एक पैर पीछे रखकर पिंडली खींचे (दोनों पैर 30 सेकंड)। हल्की सैर: रोज़ 20-30 मिनट टहलना रक्त संचार सुधारता है। प्रीनेटल योगा (बद्ध कोणासन, सुप्त बद्ध कोणासन) कूल्हों और पैरों को आराम देता है। सब व्यायाम धीरे करें और दर्द हो तो रुकें।
पैरों की सूजन कम करने के असरदार उपाय
दिन में 3-4 बार 15 मिनट के लिए पैर हृदय से ऊपर रखें (तकिए पर)। बाएँ करवट सोएँ ताकि शरीर की मुख्य नस पर दबाव न पड़े। 2.5-3 लीटर पानी रोज़ पिएँ – डिहाइड्रेशन सूजन बढ़ाता है। नमक कम करें (दिन में 5 ग्राम से कम)। पोटैशियम बढ़ाएँ – केला, आलू, पालक खाएं। कंप्रेशन स्टॉकिंग्स (हल्की मेडिकल ग्रेड) पहनें। ठंडे पानी में पैर 10 मिनट डुबोकर रखें। तंग जूते और मोज़े न पहनें।
पैरों के लिए सही जूते और कपड़े
हील वाले जूते बंद करें – सपोर्टिव फ्लैट या आधा इंच हील वाले स्नीकर्स पहनें। जूते थोड़े बड़े साइज़ के लें (पैर सूजन से बढ़ जाते हैं)। आर्थोपेडिक इनसोल पैरों के मेहराब को सहारा देते हैं। मोज़े सूती और ढीले हों – तंग बैंड वाले न पहनें। ब्रेस्टफीडिंग के लिए पैंट और लेगिंग्स में कमर का बैंड ढीला हो। शाम तक पैर ज़्यादा सूज जाते हैं – सुबह जूते खरीदना अच्छा होता है।
आहार जो पैर दर्द को कम करता है
मैग्नीशियम (बादाम, पालक, बीज) मांसपेशियों के संकुचन को रोकता है। कैल्शियम (दूध, दही, तिल) हड्डियों के लिए। पोटैशियम (केला, संतरा, टमाटर) तरल संतुलन के लिए। आयरन (बीट, अनार, खजूर) रक्त संचार सुधारता है। ओमेगा-3 (अखरोट, अलसी) सूजन कम करता है। ग्रीन टी और नींबू पानी पिएँ – ये हल्के मूत्रवर्धक हैं। प्रोसेस्ड और तले हुए खाने से बचें – ये सूजन बढ़ाते हैं।
आपातकालीन चेतावनी संकेत
अचानक एक पैर में सूजन (दूसरे से ज़्यादा) – डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT) का संकेत हो सकता है। सूजन के साथ तीव्र दर्द, गर्माहट या लालिमा। चेहरे और हाथों पर अचानक सूजन के साथ सिरदर्च और धुंधली दृष्टि – प्रीक्लेम्पसिया का खतरा। सूजन बहुत तेज़ी से बढ़ रही हो (कुछ ही घंटों में)। पेशाब बहुत कम आ रहा हो। साँस लेने में दिक्कत के साथ सूजन। इन सब लक्षणों में तुरंत आपातकालीन देखभाल लें।
निष्कर्ष
प्रेगनेंसी के दौरान लगभग सभी को पैरों में दर्द और सूजन होती है, इसलिए आपको इसकी चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन का इलाज आप घरेलू उपायों से भी कर सकते हैं। लेकिन अगर सूजन बहुत ज़्यादा हो, तो आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए। आपको अपना और अपने आने वाले बच्चे का ध्यान रखना चाहिए। क्या आप अपने बच्चे के लिए अच्छे डायपर की तलाश में हैं? Teddyy Premium Tape Diapers पर एक नज़र डालें!
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प्रेगनेंसी में पैरों की देखभाल के बारे में विशेषज्ञ सलाह के लिए ACOG – Exercise During Pregnancy और WHO Maternal Health देखें।
References & Sources
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन कौन से महीने में आती है?
प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन 4 महीने से शुरू हो जाती है।
गर्भावस्था के दौरान सूजन कब चिंता का विषय होना चाहिए?
यदि चेहरे और हाथों में अचानक और गंभीर सूजन हो, तो आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
गर्भवती महिला के पैरों में दर्द हो तो क्या करें?
गर्भवती महिलाओं को हाइड्रेटेड रहना चाहिए, अपने पैरों को ऊंचा रखना चाहिए और योग व स्ट्रेचिंग करना चाहिए।
पैरों में सूजन कब खतरनाक होती है?
अगर आपके सिर्फ एक पैर में गंभीर सूजन है जो कम नहीं हो रही है, तो यह स्तिथि बहुत खतरनाक हो सकती है।




